Farmer Registration Campaign 2025: 38,219 किसानों ने दर्ज कराए अपने नाम
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Farmer Registration Campaign 2025 अजमेर, 25 फरवरी। जिले में आयोजित फार्मर रजिस्ट्री शिविर के तहत अब तक 38,219 किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है। इन शिविरों में कुल 43,502 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस अभियान के माध्यम से किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है।
अतिरिक्त जिला कलक्टर श्रीमती वंदना खोरवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में फार्मर रजिस्ट्री कैम्प ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में किसानों को राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। किसानों के पंजीकरण के बाद सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ पात्र काश्तकारों को मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा।
अब तक इन योजनाओं के तहत मिला लाभ
Farmer Registration Campaign 2025 शिविरों में अब तक प्राप्त 43,502 आवेदनों में से 38,219 किसानों का सफलतापूर्वक पंजीकरण किया गया है। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को निम्नलिखित लाभ प्रदान किए गए—
- पीएम किसान योजना – 2,420 किसानों को लाभ
- मंगला पशु बीमा योजना – 4,063 किसानों को बीमा कवर
- किसान क्रेडिट कार्ड – 56 किसानों को स्वीकृति
- पशु टीकाकरण – 3,844 पशुपालकों को सुविधा
- पशु चिकित्सा उपचार – 10,830 लाभार्थी
- सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना – 486 लोगों को लाभ
- पालनहार योजना – 35 लोगों को शामिल किया गया
- पट्टा वितरण – 234 पट्टों का वितरण
- जन्म-मृत्यु पंजीयन – 380 आवेदन निपटाए गए
- खाद्य सुरक्षा लाभ – 127 लाभार्थियों को जोड़ा गया
- पीएम सूर्य घर योजना – 51 लाभार्थी
- आयुष्मान कार्ड – 5,823 कार्ड वितरित
- आयुष्मान वय वंदन योजना – 920 लाभार्थी
- ई-केवाईसी – 5,871 लोगों की प्रक्रिया पूरी
- मृदा स्वास्थ्य कार्ड – 1,439 किसानों को जारी
- ऑनलाइन आवेदन – 8,643 किसानों ने आवेदन किया
- फसल बीमा पॉलिसी – 1,129 किसानों को कवर
- राज किसान सुविधा एप डाउनलोड – 6,364 किसानों ने किया
- नए जीएसएस सदस्य – 417 किसान जोड़े गए
- पालनहार योजना नवीनीकरण – 101 पंजीकृत आवेदन नवीनीकृत
किसान रजिस्ट्री मोबाइल से कैसे करें
सरकार का उद्देश्य किसानों को आर्थिक सशक्तिकरण प्रदान करने के साथ-साथ कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में बेहतरी लाना है। फार्मर रजिस्ट्री शिविर के माध्यम से अधिकतम किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
जिला स्तरीय कार्यशाला: 27 फरवरी को खाद्य एवं पोषण सुरक्षा पर मंथन
Farmer Registration Campaign 2025 अजमेर, 25 फरवरी। जिले में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को लेकर 27 फरवरी को एक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यशाला में सरकारी विभागों, विशेषज्ञों, कृषक संगठनों एवं अन्य संबंधित हितधारकों की भागीदारी रहेगी। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य संतुलित आहार, कुपोषण उन्मूलन एवं पोषण-संबंधी सरकारी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा करना है, जिससे जिले में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को सुदृढ़ किया जा सके।
कार्यशाला के प्रमुख उद्देश्य
- खाद्य एवं पोषण सुरक्षा पर जागरूकता बढ़ाना – लोगों को पोषणयुक्त आहार एवं स्वास्थ्यवर्धक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना।
- सरकारी योजनाओं की समीक्षा एवं क्रियान्वयन – राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), मिड-डे मील योजना, पीएम पोषण मिशन और आंगनवाड़ी योजनाओं के प्रभाव को समझना।
- कुपोषण उन्मूलन के प्रयास – जिले में कुपोषण से ग्रसित बच्चों और महिलाओं की स्थिति का आकलन एवं समाधान तलाशना।
- स्थानीय पोषक अनाज को बढ़ावा देना – मिलेट्स (श्रीअन्न) जैसी फसलों को आहार में शामिल करने हेतु जागरूकता फैलाना।
- संबंधित हितधारकों की भागीदारी – प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, कृषि विभाग, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और समाजसेवियों की भूमिका पर चर्चा।
कार्यशाला में यह विषय रहेंगे केंद्र में
- खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) की भूमिका
- पोषण अभियान और इसके अंतर्गत चलाई जा रही योजनाएँ
- गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं बच्चों के पोषण संबंधी मुद्दे
- स्थानीय स्तर पर पोषण युक्त खाद्य उत्पादों का उत्पादन एवं वितरण
- कृषि में जैविक खाद्य उत्पादन एवं मिलेट्स को बढ़ावा देने की रणनीति
प्रतिभागियों की भूमिका और कार्यशाला का महत्व
इस कार्यशाला में प्रशासनिक अधिकारी, जिला स्तरीय अधिकारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी, शिक्षाविद, कृषक संगठनों के प्रतिनिधि, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के सदस्य और विषय-विशेषज्ञ शामिल होंगे। वे अपने अनुभव साझा करेंगे और खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के क्षेत्र में सुधार हेतु विचार-विमर्श करेंगे।
सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ
Farmer Registration Campaign 2025 कार्यशाला के दौरान जिले में संचालित पोषण से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की जाएगी और उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सुझाव दिए जाएंगे। इनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित योजनाएँ शामिल हैं— राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) – राशन वितरण प्रणाली को मजबूत बनाना प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (मिड-डे मील) – स्कूली बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना पोषण अभियान – महिलाओं एवं बच्चों में पोषण स्तर सुधारना आंगनवाड़ी केंद्रों की सेवाएँ – गर्भवती और धात्री माताओं के लिए पौष्टिक आहार एवं देखभाल मिलेट्स (श्रीअन्न) को प्रोत्साहन – बाजरा, ज्वार, रागी जैसे अनाजों को आहार में शामिल करना
कार्यशाला का निष्कर्ष और अपेक्षित परिणाम
इस कार्यशाला के माध्यम से जिले में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को लेकर नवीन रणनीतियाँ विकसित की जाएंगी, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा तथा सभी वर्गों को पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक किया जाएगा।